Tuesday, 9 July 2019

गुलाबा हिल स्टेशन : मखमली एहसास

   गुलाबा हिल स्टेशन को धरती का एक मखमली एहसास कहा जाना चाहिए। जी हां, इस मखमली एहसास से पर्यटक रोमांचित हो उठते हैं। 

   गुलाबा वस्तुत: सुन्दर एवं दर्शनीय हिल स्टेशन है। खास यह कि सर्दियों में गुलाबा की शान ही निराली होती है। बर्फ की ओढ़नी से झांकता गुलाबा नजर आता है। भारत के हिमाचल प्रदेश के मनाली का यह सुन्दर हिल स्टेशन अपनी शोभा एवं शान के लिए वैश्विक ख्याति रखता है।

   मनाली से रोहतांग दर्रा की दिशा में करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित गुलाबा हिल स्टेशन खास तौर से बर्फबारी के लिए जाना पहचाना जाता है। इसे बर्फबारी के शौकीन पर्यटकों के लिए स्वर्ग कहा जा सकता है। 

  बर्फ से आच्छादित सड़कें एवं पर्वतमाला अति दर्शनीय दिखते हैं। वस्तुत: गुलाबा एक सुन्दर एवं शानदार गांव है। मनाली के इस गांव ने अब एक आदर्श हिल स्टेशन का स्वरूप अख्तियार कर लिया। 

  इस हिल स्टेशन एवं गांव को कश्मीर के महाराजा गुलाब सिंह के नाम से जाना पहचाना जाता है। रोहतांग के पास मुख्य सड़क पर स्थित यह शानदार हिल स्टेशन अपनी शान एवं शोभा के कारण बेहद प्रसिद्ध है।

  बर्फ से ढ़के पहाड़, मखमली घास से अच्छादित मैदान-ढ़लान, ऊंचे-नीचे रास्ते अति दर्शनीय प्रतीत होते हैं। व्यास नदी की सुरम्यता गुलाबा की प्राकृतिक सुन्दरता में चार चांद लगा देती है। प्रकृति की यह सुन्दर संरचना बेहद अद्भुत एवं विलक्षण है। अद्भुत स्थलाकृति विशेष आकर्षक लगती है। 

   गुलाबा हिल स्टेशन साहसिक खेलों के लिए भी देश दुनिया में प्रसिद्ध है। मनाली से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित गुलाबा हिल स्टेशन बेहद शांत एवं सुरम्य होने के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पर्यटक यहां से हिमालय के अद्भुत दर्शन कर सकते हैं।

   पर्यटक ट्रैकिंग एवं पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों का भी भरपूर आनन्द ले सकते हैं। गुलाबा हिल स्टेशन का प्राकृतिक सौन्दर्य वालीवुड को भी आकर्षित करता है। इस इलाके में कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। खास यह कि पर्यटक यहां विलेज टूरिज्म का भी आनन्द ले सकते हैं। गुलाबा गांव के घरों में अतिथि पर्यटक की भांंति ठहर सकते हैं। 

   लिहाजा पर्यटक चौबीस घंटे पर्यटन का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। यहां रात में प्राकृतिक नजारों का अपना एक अलग ही आनन्द दिखता है। इतना ही नहीं, पर्यटक गुलाबा हिल स्टेशन पर कैम्प भी कर सकते हैं। 

  विशेष तौर पर देखें तो पर्यटक गुलाबा मिडोज पर शिविर लगाते हैं। यहां से चौतरफा प्रकृति के सुन्दर नजारे दिखते हैं। खास यह कि गुलाबा हिल स्टेशन का मुख्य आकर्षण भृगु झील है। खास यह कि पर्यटक गुलाबा हिल स्टेशन पर स्नो स्कूटर आदि का भरपूर लुफ्त ले सकते हैं। 

   गुलाबा की मनोरम स्थलाकृति वैश्विक पर्यटकों को खास तौर से लुभाती है। पैदल यात्रा, शिविर, ट्रैकिंग एवं पैराग्लाइडिंग आदि गतिविधियों के लिए गुलाबा हिल स्टेशन किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रकृति प्रेमियों के लिए तो यह स्थान अद्भुत एवं विलक्षण है। 

  यहां की सुरम्यता पर्यटकों के दिलों पर छा जाती है। शिखर पर्वतों की शानदार श्रंृखला, घाटियों-वादियों की शांति, नदियों का शांत जल प्रवाह एक अलग ही आनन्द की अनुभूति कराता है।
   घास के मखमली मैदानों पर चहल कदमी करना एक रोमांचक एहसास कराता है। ऐसा प्रतीत होता है कि धरती पर न हो कर किसी अलग ही दुनिया में होें। खास यह कि गुलाबा हिल स्टेशन की यात्रा पर्यटकों को एक शानदार एवं सुखद अनुभव देती है।

  गुलाबा हिल स्टेशन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट भुंटर एयरपोर्ट कुल्लू-मनाली है। निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी गुलाबा हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
32.251919,77.195869

Sunday, 7 July 2019

जोशीमठ हिल स्टेशन: बादलों संग सैर

   जोशीमठ हिल स्टेशन को धरती का आभूषण कहना चाहिए। जी हां, प्रकृति का नायाब तोहफा अद्भुत एवं विलक्षण है। 

  ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे धरती पर साक्षात स्वर्ग उतर आया हो। धर्म एवं आध्यात्म की इस नगरी का विशेष महत्व है। भारत के उत्तराखण्ड प्रांत के जोशीमठ हिल स्टेशन का आकर्षण देश दुनिया तक फैला हुआ है। 

   समुद्र तल से करीब 1500 मीटर ऊंचाई पर स्थित जोशीमठ हिल स्टेशन प्राकृतिक सम्पदाओं का भण्डारण है। मान्यता है कि शंकराचार्य को जोशीमठ में ही ज्ञान प्राप्त हुआ था। बद्रीनाथ, आैली एवं नीति घाटी की गोद में रचा-बसा जोशीमठ वस्तुत: धर्म एवं आध्यात्म आधारित हिल स्टेशन है। जोशीमठ हिल स्टेशन वस्तुत: त्रिशूल आकार आधारित पर्वतीय क्षेत्र है। 

   खास यह कि जोशीमठ पर कहीं से भी देखें तो चौतरफा हाथी आकार-प्रकार की पर्वत श्रंखला दिखेगी। इसे हाथी पर्वत कहा जाता है। जोशीमठ की एक खास विशेषता यह है कि एक पर्वत एक लेटी महिला के स्वरूप को दर्शित करता है। इसे स्लीपिंग ब्यूटी के नाम से जाना पहचाना जाता है। अलकनंदा नदी के किनारे स्थित जोशीमठ हिल स्टेशन आैषधीय वनस्पतियों से अति समृद्ध है।

   लिहाजा इसे प्राणवायु की दृष्टि से भी देखा जाता है। जोशीमठ हिल स्टेशन की जलवायु अत्यधिक नम होेने के कारण आैषधीय वनस्पतियों की बहार है। खास तौर से इस इलाके में एन्सलिया एपटेरा, बारबरिस स्पप, सारोकोका प्रियुनिफोरमस स्पप जैसे पौधोंं की बहुलता है।

   जोशीमठ हिल स्टेशन खास तौर से चौतरफा एक ह्मदय स्पर्शी मखमली एहसास देता है। जिससे दिल एवं दिमाग पुलकित हो उठता है। मखमली घास के विशाल मैदान पर्यटकों को एक यादगार अनुभव देते हैं। चौतरफा सीना ताने खड़ी विशाल पर्वत श्रंखला एक अद्भुत रोमांच का एहसास कराते हैं। 

   शांत एवं शीतल हवाओं के झोके तन मन को झंकृत कर देते हैं। सर्दियों एवं बारिश में जोशीमठ हिल स्टेशन का प्राकृतिक सौन्दर्य आैर भी निखर आता है। सर्दियों में जोशीमठ हिल स्टेशन का तापमान काफी नीचे गिर जाता है। इस दौरान पर्यटक बर्फबारी का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।

   पर्वत मालाओं पर बर्फ की चादर अति सुन्दर एवं दर्शनीय प्रतीत होेती है। जोशीमठ हिल स्टेशन बर्फ की आगोश में होता है। लिहाजा पर्यटक रोमांच का अनुभव करते हैं। बादलों का खिलंदडपन दिलों को छू जाता है। ऐसा एहसास होता है कि जैसे बादलों के संग सफर कर रहे हों। बादलों की आगोश में पर्यटक पुलकित हो उठते हैं। 

   मान्यता है कि जोशीमठ हिल स्टेशन का अस्तित्व 3000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। इसका धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व स्वयं जोशीमठ के प्राचीन मंदिर बयां करते हैं। भगवान बद्रीनाथ की गद्दी सर्दियों में जोशीमठ में ही विश्राम करती है। 

   जोशीमठ हिल स्टेशन पर आकर्षक एवं सुन्दर स्थलों की एक लम्बी श्रंृखला है। इनमें खास तौर से नरसिंह मंदिर एवं वासुदेव मंदिर मुख्य आकर्षण हैं। इनके अलावा ज्योतिर्मठ कल्पवृक्ष एवं आदि शंकराचार्य के पूजा स्थल की गुफा आदि इत्यादि हैं। 
  जोशीमठ हिल स्टेशन में प्रवेश करते ही पर्यटकों का स्वागत एक शानदार झरना करता है। इसे जोगी झरना कहा जाता है। जोगी झरना का शीतल जल पर्यटकों को जलक्रीड़ा का भरपूर आनन्द देता है। जोशीमठ हिल स्टेशन का मुख्य आकर्षण यहां का वन्य जीव अभयारण्य है। देश-विदेश के पक्षियों के लिए यह अभयारण्य किसी से स्वर्ग से कम नहीं है। खास यह कि जोशीमठ हिल स्टेशन की यात्रा कर पर्यटक एक यादगार अनुभव लेकर लौटते हैं।

   वन्य जीव अभयारण्य: वन्य जीव अभयारण्य जोशीमठ हिल स्टेशन का एक खास आकर्षण है। अभयारण्य में शिकारी पक्षी बाज, जंगली बिल्ली, भेड़िया, लकड़बग्घा, गीदड़, साही, पहाड़ी लोमड़ी, चील, गिद्ध आदि इत्यादि शोभा एवं शान हैं। 
   कल्पवृक्ष एवं आदि शंकराचार्य गुफा: कल्पवृक्ष एवं आदि शंकराचार्य गुफा सनातन धर्म का एक शानदार अलंकरण है। मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने यहां शहतूत के वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा अर्चना की थी। 
   राज राजेश्वरी को शंकराचार्य ने अपना इष्ट मान कर पूजा अर्चना की थी। मान्यता है कि इस स्थान पर एक ज्योति स्वयं प्रकट हुयी थी। जिससे शंकराचार्य को भगवान विष्णु की मूर्ति पुर्नस्थापना की शक्ति एवं सामथ्र्य प्राप्त हुयी थी। 

   नरसिंह मंदिर: नरसिंह मंदिर वस्तुत: भगवान नरसिंह के नरसिंह अवतार को समर्पित है। मान्यता है कि इस शानदार मंदिर की स्थापना पाण्डव बंधुओं ने स्वर्गारोहण काल में की थी। मान्यता यह भी है कि आदि शंकराचार्य भी भगवान विष्णु के अन्य भक्त थे। लिहाजा स्थापना का श्रेय आदि शंकराचार्य को भी दिया जाता है।
   तपोवन: तपोवन जोशीमठ हिल स्टेशन के मुख्य आकर्षण में एक है। तपोवन जोशीमठ हिल स्टेशन से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है। तपोवन वस्तुत: गर्म कुण्डों एवं जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है। इन जलाशयों में स्नान करने से अनेक कष्टों का निवारण हो जाता है। कारण इस जल में असंख्य खनिजों का समिश्रण रहता है। 
   जोशीमठ हिल स्टेशन की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून है। एयरपोर्ट से जोशीमठ हिल स्टेशन की दूरी करीब 273 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश जंक्शन है। रेलवे स्टेशन से जोशीमठ हिल स्टेशन की दूरी करीब 253 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी जोशीमठ हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
30.554800,79.566002

Friday, 5 July 2019

तीर्थन हिल स्टेशन : इन्द्रधनुषी सौन्दर्य

    तीर्थन घाटी को प्राकृतिक सौन्दर्य का इन्द्रधनुषी आयाम कहा जाना चाहिए। जी हां, तीर्थन घाटी का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है। 

   एडवेंचर लवर्स के लिए तीर्थन किसी स्वर्ग से कम नहीं। भारत के हिमाचल प्रदेश के कुल्लू का यह शानदार हिल स्टेशन बेहद दर्शनीय एवं सुरम्यता से परिपूर्ण है। खास यह कि तीर्थन हिल स्टेशन हिमाचल की अति खूबसूरत घाटियों में से एक है। तीर्थन हिल स्टेशन पर चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा दिखती है।

   खास यह कि इस घाटी के गांव भी अति दर्शनीय एवं आकर्षक हैं। हिमालय नेशनल पार्क से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित तीर्थन हिल स्टेशन आैषधीय वनस्पतियों का शानदार खजाना है। 

   आैषधीय वनस्पतियों का सघन वन क्षेत्र तीर्थन हिल स्टेशन की शान एवं शोभा है। शांत एवं सुरम्य तीर्थन हिल स्टेशन प्राकृतिक सौन्दर्य का चुम्बकीय आकर्षण रखता है। इस आकर्षण में पर्यटक खिंचे चले आते हैं। 

   खास यह कि पर्यटक तीर्थन घाटी के गांवों में विलेज टूरिज्म का भी आनन्द ले सकते हैं। तीर्थन घाटी के इन गांवों में पर्यटकों के ठहरने की भी व्यवस्थायें हैं। इतना ही नहीं, पर्यटक गांवों के इन घरों में ठहरने के साथ ही स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी स्वाद ले सकते हैं। 

   वर्ष पर्यंत इस घाटी का मौसम अति सुहाना रहता है। जिससे पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। आैषधीय वनस्पतियों का सघन क्षेत्र पर्यटकों के आनन्द को दोगुना कर देता है। कारण आैषधीय वनस्पतियों की सुगंध पर्यटकों के दिल एवं दिमाग को एक विशेष ताजगी प्रदान करती है।

   पर्यटक तीर्थन हिल स्टेशन पर खुद को अत्यधिक ऊर्जावान महसूस करते हैं। समुद्र तल से करीब 1600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तीर्थन हिल स्टेशन के वातावरण में हमेशा फूलों एवं वनस्पतियों की खास खुशबू रहती है। फूलों के बाग-बगीचे भी देखते बनते हैं। इनकी सुन्दरता मन को मुग्ध कर लेती है। 

   वातावरण में सुगंध हो आैर शांत-शीतल हवाओं के झोके हों तो एक शानदार सुखद अनुभूति होती है। घास के मखमली मैदान एवं फलों के बाग-बगीचे परिवेश को अति दर्शनीय बना देते हैं। खास यह कि तीर्थन हिल स्टेशन की प्राकृतिक सुन्दरता देश दुनिया में मशहूर है। 

   तीर्थन हिल स्टेशन पर्यटकों को शांति एवं सुकून देता है। लिहाजा पर्यटक तीर्थन से एक खास ऊर्जा लेकर लौटते हैं। पहाड़ों एवं वनों की पगडंडियों पर चहल कदमी करना बेहद रोमांचक एहसास कराता है। खास यह कि तीर्थन हिल स्टेशन का मुख्य आकर्षण तीर्थन नदी है। 

   इस सुन्दर नदी के किनारे चहल कदमी करना आनन्द की एक सुखद अनुभूति कराता है। रोमांचक यात्रा के लिए तीर्थन हिल स्टेशन अति दर्शनीय एवं बेहतरीन है। शीतकालीन खेलों के लिए भी तीर्थन हिल स्टेशन एक आदर्श पर्यटन है। हरे भरे जंगलों के बीच सेब के बागान अति दर्शनीय प्रतीत होते हैं। 

   पर्यटक तीर्थन हिल स्टेशन पर प्रकृति की फोटोग्राफी का शौक भी पूरा कर सकते हैं। देश की राजधानी दिल्ली से करीब 500 किलोमीटर दूर स्थित तीर्थन हिल स्टेशन की यात्रा का सबसे बेहतरीन समय मार्च से अक्टूबर की अवधि है।

   बर्फबारी के शौकीन पर्यटकों को सर्दियों में तीर्थन हिल स्टेशन की यात्रा करना चाहिए। कारण सर्दियों में चौतरफा बर्फ की शानदार चादर दिखती है। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे स्वर्ग साक्षात धरती पर उतर आया हो। झीलों एवं झरनों का यह शानदार हिल स्टेशन एक अजूबा सा है। यहां की सोंधी सुगंध पर्यटकों को प्रफुल्लित कर देती है।

   तीर्थन हिल स्टेशन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट भुंटर एयरपोर्ट कुल्लू-मनाली है। एयरपोर्ट से तीर्थन हिल स्टेशन की दूरी करीब 70 किलोमीटर है।
  निकटतम रेलवे स्टेशन चण्डीगढ़ जंक्शन है। चण्डीगढ़ रेलवे स्टेशन से तीर्थन हिल स्टेशन की दूरी करीब 260 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी तीर्थन हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
31.912800,77.174300

Wednesday, 3 July 2019

मण्डी हिल स्टेशन: धरती का श्रंगार

   मण्डी हिल स्टेशन कोे धरती का श्रंगार कहा जाना चाहिए। मण्डी का प्राकृतिक सौन्दर्य एक जादुई आकर्षण रखता है। 

   लिहाजा मण्डी हिल स्टेशन वैश्विक पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन है। भारत के हिमाचल प्रदेश का मण्डी वस्तुत: एक सुन्दर एवं शानदार शहर है। चौतरफा प्रकृति का सुन्दर परिदृश्य पर्यटकों को बरबस आकर्षित करता है।

   समुद्र तल से करीब 1044 मीटर ऊंचाई पर स्थित मण्डी हिल स्टेशन प्रकृति का नायाब तोहफा है। व्यास नदी के किनारे रचा-बसा मण्डी हिल स्टेशन का सर्दियों एवं गर्मियों में एक अलग ही आनन्द रहता है। मण्डी को माण्डव भी कहा जाता है। 

   विशेषज्ञों की मानें तो ऋषि माण्डव ने यहां तपस्या की थी। मण्डी में ऋषि माण्डव की अलौकिक शक्तियां अभी विद्यमान हैं। आबादी के लिहाज से देखें तो मण्डी हिमाचल प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
   पर्यटन की दृष्टि से मण्डी हिल स्टेशन को कई नामों से जाना पहचाना जाता है। वाराणसी आफ हिल्स, छोटी काशी एवं हिमाचल की काशी भी कहा जाता है। इसके पीछे धार्मिक मनोभावना है। 

   विशेषज्ञों की मानें तो मण्डी को हिमाचल की काशी कहने का मनोभाव यह है कि काशी में मंदिरों की संख्या 80 है, जबकि मण्डी में मंदिरों की संख्या 81 है। लिहाजा मण्डी कोे हिमाचल प्रदेश का काशी माना जाता है। महलों एवं मंदिरों की खासियत रखने वाला मण्डी वास्तुशिल्प का शानदार अनुकरण है। यहां का वास्तुशिल्प अति दर्शनीय है। 

  मण्डी हिल स्टेशन का मूल आकर्षण प्राकृतिक सौन्दर्य एवं पर्वत श्रंृखला है। मंदिरों की संरचना अद्भुत एवं अकल्पनीय है। यहां की वास्तुकला पर्यटकों को सम्मोहित करती है। खास यह कि मण्डी हिल स्टेशन पत्थरों की कलात्मकता एवं नक्काशी के लिए खास तौर से प्रसिद्ध है।

   मण्डी हिल स्टेशन एवं आसपास आदर्श एवं आकर्षक स्थानों की एक लम्बी श्रंृखला विद्यमान है। इनमेें खास तौर रिवालसर झील, त्रिलोकनाथ शिव मंदिर, भूतनाथ मंदिर, श्यामाकाली मंदिर, सुन्दर नगर, जंजैहली, अद्र्धनारीश्वर मंदिर, तता पानी, बरोट, कमरुनाग, पराशर झील आदि इत्यादि बहुत कुछ है।
   रिवालसर झील: रिवालसर झील वस्तुत: मण्डी हिल स्टेशन का मुख्य आकर्षण है। मण्डी से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित रिवालसर झील द्वीपों के लिए खास तौर से प्रसिद्ध है। इसमेंं सात द्वीप हैं। यह हवा एवं पानी से हिलते रहते हैं। प्रार्थना के लिए यहां एक बौद्ध मठ है। सिख गुरुद्वारा एवं मंदिर भी यहां खास हैं। 

  त्रिलोकीनाथ शिव मंदिर: त्रिलोकीनाथ शिव मंदिर नागरी शैली मेें संरचित यह मंदिर वास्तुकला का शानदार अंलकरण है। इसकी छत टाइल्स नुमा है। यह संरचना बेहद आकर्षक प्रतीत होती है।
  मंदिर से चौतरफा प्रकृति का शानदार एवं अद्भुत दृश्य दिखता है। खास यह कि मंदिर में भगवान शिव को तीनों लोकों के देव के रूप में चित्रित किया गया है। भगवान शिव की प्रतिमा यहां पंचानन रूप में है। इसमें भगवान शिव के पांच स्वरूप दर्शित हैं। 
   भूतनाथ मंदिर: भूतनाथ मंदिर मण्डी के मध्य में स्थित है। मंदिर का निर्माण 1527 में किया गया था। मंदिर में दिव्य-भव्य नंदी की प्रतिमा भी स्थापित है।
   श्यामाकाली मंदिर: श्यामाकाली मंदिर मण्डी की टारना पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर को टारना मंदिर भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसका निर्माण राजा श्याम सेन ने 1658 में कराया था। यह मंदिर वस्तुत: भगवान शिव पत्नी की सती को समर्पित है। 


  सुन्दर नगर: सुन्दर नगर मण्डी हिल स्टेशन से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित एक शानदार एवं सुन्दर शहर है। खूबसूरत हरी-भरी घाटियों-वादियों वाला यह छोटा सा शहर प्रकृति का सुन्दर उपहार है। पहाडी के उपर सुखदेव वाटिका एवं महामाया का मंदिर है। हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट यहां का खास है। 
   जंजैहली : जंजैहली मण्डी हिल स्टेशन की शान एवं शोभा है। मण्डी हिल स्टेशन से करीब 82 किलोमीटर दूर स्थित जंजैहली को प्रकृति का ह्मदय कहा जा सकता है। शानदार एवं खूबसूरत दृश्य पर्यटकों को मुग्ध कर लेते हैं। 
   अद्धनारीश्वर मंदिर : अद्र्धनारीश्वर मंदिर स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण एवं संरचना है। भगवान शिव एवं पार्वती का अद्र्ध स्वरूप दर्शित है।
   तता पानी: तता पानी एक अति दर्शनीय एवं खूबसूरत स्थान है। समुद्र तल से करीब 656 मीटर ऊंचाई पर स्थित तता पानी अपने अलौकिक सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है। इसे अलौकिक शक्तियों से युक्त माना जाता है। इसके जल से शारीरिक कष्टों का निवारण होता है।

   मण्डी हिल स्टेशन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट भुंटर एयरपोर्ट शिमला है। एयरपोर्ट से मण्डी हिल स्टेशन की दूरी करीब 63 किलोमीटर है।
   निकटतम रेलवे स्टेशन कीरतपुर जंक्शन है। कीरतपुर जंक्शन से मण्डी हिल स्टेशन की दूरी करीब 125 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी मण्डी हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
31.708401,76.932198

Monday, 1 July 2019

सात ताल हिल स्टेशन: झीलों का संगम

   सात ताल हिल स्टेशन को जलक्रीड़ा का अद्भुत एवं विलक्षण केन्द्र कहा जाना चाहिए। जी हां, जल पर्यटन का लुफ्त लेना हो तो सात ताल हिल स्टेशन से बेहतरीन कुछ भी नहीं हो सकता। 

   सात ताल हिल स्टेशन वस्तुत: सात सुन्दर झीलों का संगमन स्थल है। भारत के उत्तराखण्ड के कुमाऊं मण्डल का यह शानदार हिल स्टेशन अनोखा एवं नैसर्गिक सौन्दर्य की आभा से लबरेज है। उत्तराखण्ड के नैनीताल से करीब 21 किलोमीटर दूर स्थित सात ताल प्राकृतिक सौन्दर्य की नैसर्गिक आभा से परिवेश को आलोकित करता है। 

  भीमताल से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित सात ताल हिल स्टेशन सुन्दर पर्वत मालाओं से घिरा एक अति दर्शनीय हिल स्टेशन है। बांस के सघन वन क्षेत्र से चौतरफा घिरा यह हिल स्टेशन पर्यटकों को एक रोमांचक एहसास कराता है।

    समुद्र तल से करीब 1371 मीटर ऊंचाई पर स्थित सात ताल हिल स्टेशन वस्तुत: सात झीलों का एक समूह है। इनमें खास तौर से तीन तालों को राम, लक्ष्मण एवं सीता के नाम से जाना पहचाना जाता है। इन सभी तालों की विशेषता है कि यह सभी ताल एक दूसरे से ताल्लुक रखते हैं। 

   लिहाजा इनको सात ताल कहा जाता है। झीलों का यह समूह नैसर्गिक सौन्दर्य के लिए खास तौर से जाना पहचाना जाता है। इनका कलात्मक स्वरूप भी खास विख्यात है। कुमाऊं मण्डल में इन तालों को सर्वोत्तम माना जाता है। 

   पर्यटक इन सुन्दर झीलों में नौका विहार का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। नौका विहार की व्यवस्थायें पर्यटकों को उपलब्ध रहती हैं। उत्तराखण्ड के पर्यटन विभाग ने इस क्षेत्र को सैलानी क्षेत्र घोषित किया है। झीलों के कोनों-किनारों पर पर्यटकों को बैठने की व्यवस्थायेें हैं। जिससे पर्यटक झीलों के प्राकृतिक सौन्दर्य का भरपूर आनन्द ले सकें।

   सुन्दर पुलों की संरचना, सीढ़ियों का सौन्दर्य, बैठने के लिए सीटों की संरचना आदि इत्यादि सात ताल को स्वर्ग जैसा बना देती हैं। यह ताल समूह प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से सर्वोपरि हैं। नौकुचिया देवी का मंदिर इस प्राकृतिक सौन्दर्य में धर्म का एक शानदार सितारा है।

   विशेषज्ञों की मानें तो इन शानदार झीलों की तुलना इग्लैण्ड की वेस्टमोरलैण्ड से की जाती है। सात ताल की यात्रा सर्वप्रथम झील नल दमयंती ताल के रूप में पर्यटकों का शानदार स्वागत करती है। इसके निकट ही अमेरिकी मिशनरी स्टैनले जाँस का आश्रम है। इसके आगे झील पन्ना गरुण झील है। 

   इसके कुछ आगे राम, लक्ष्मण एवं सीता झीलों का समूह है। भवाली से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित सात ताल हिल स्टेशन प्रकृति का शानदार एवं नायाब तोहफा है। सात ताल से करीब 17 किलोमीटर दूर नौकुचिया ताल एक अति दर्शनीय एवं प्रसिद्ध स्थान है। 

   वस्तुत: यह इलाका पैराग्लाइडिंग के लिए खास तौर से प्रसिद्ध है। नौकुचिया ताल पर हनुमान जी का भव्य दिव्य मंदिर है। समुद्र तल से करीब 4000 फुट की ऊंचाई पर स्थित यह ताल अति दर्शनीय है। इसके आंतरिक रुाोत में एक शानदार झरना है।

   जिससे इस ताल में वर्ष पर्यंत जल बना रहता है। इस सुन्दर ताल में नौ कोने हैं। मान्यता है कि इन नौ कोने के दर्शन करने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वस्तुत: नौकुचियाताल एक छोटा सा गांव है। इस गांव को इस झील ने प्रसिद्ध बना दिया। 

  खास यह कि सात ताल, भीमताल एवं नौकुचियाताल आदि इत्यादि सभी सुन्दर झीलें 4 से 6 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। खास यह कि पूरा इलाका सघन वन क्षेत्र से आच्छादित है। लिहाजा पक्षियों के कलरव-कोलाहल से परिवेश अनुगूंजित रहता है। पक्षियों को निहारना अदि सुन्दर एहसास कराता है।

   सात ताल हिल स्टेशन की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट पंतनगर है। निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी सात ताल हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
29.379910,79.477390

फागू हिल स्टेशन: रोमांचक एहसास    फागू हिल स्टेशन निश्चय ही दिल एवं दिमाग को एक सुखद शांति एवं शीतलता प्रदान करेगा। फागू हिल स्टेशन आकार...